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मान जा मेरे दोस्त |
Manish Dalal
DateTime: 09-08-2009 19:28:30 |
कई बार जाने-अनजाने में दोस्तों के साथ झगड़ा हो जाता है। झगड़ा होने के बाद, दिल पर
जो बोझ होता है, उससे छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीक़ा है कि दोस्तों को मना लिया
जाए। आइए, कुछ टिप्स जानें झगड़ा खत्म करने के-
- अगर आप किसी के साथ झगड़े हैं, तो कुछ देर शांत रहिए। शांत रहने से आपका गुस्सा भी
कम होगा और दूसरे को भी ठंडा होने में मदद मिलेगी।
- एक बार जब गुस्सा कम हो जाए, तो देखिए क्या आपका दोस्त आपसे बात करने की पहल करता है।
अगर हां, तो शांत दिमाग से उसकी बात सुनिए।
- अगर वह पहल नहीं करता, तो आप करिये। याद रखिये, पहल करने से कोई छोटा नहीं हो जाता।
- जब आपका दोस्त आपको अपना पक्ष समझा रहा हो, तो उसे ध्यान से सुनिए। उसमें कमियां मत
निकालें।
- सबसे बड़ी और अहम बात, अगर आप दोस्ती कायम रखना चाहते हैं, तो छोटी-छोटी बातों को नज़र
अंदाज़ करना सीखिये। दोस्ती बनाने में कई महीने लग जाते है, मगर खत्म करने मैं बिल्कुल
बक़्त नहीं लगता।
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चांद का दर्द बेवफ़ा रात नहीं समझती |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:41:30 |
पत्थर की है दुनिया जज़्बात नहीं समझती
दिल में क्या है वो बात नहीं समझती,
तन्हा तो चांद भी है सितारों के बीच
पर चांद का दर्द बेवफ़ा रात नहीं समझती॥ |
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कुछ लोग........ |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:40:11 |
कुछ लोग तो जेहनी बीमार होते हैं
दूसरों की राह में अड़ी दीवार होते हैं
पर वक़्त दिखाता है उनको भी आईना
जब हालात के वो खुद शिकार होते हैं॥ |
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दोस्ती तो सिर्फ इत्तेफ़ाक है |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:38:45 |
दोस्ती तो सिर्फ इत्तेफ़ाक है,
यह दो दिलों की मुलाकात है
दोस्ती न देके दिन है कि रात है
इसमें रसगुल्ले की मिठास
पानीपुरी की प्यास है॥ |
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आओ दुनिया बांट लें |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:37:38 |
आओ साथ में दुनिया बांट लें -
लहरें आपकी समुंदर हमारा
सितारे आपके आसमां हमारा
रोशनी आपकी सूरज हमारा
चलो छोड़ो, सबकुछ आपका
और आप हमारे॥ |
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आर्डर पूरा किया |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:35:34 |
मालिक नौकर से 'मैं बाहर जा रहा हूं, कोई आए तो आर्डर पूरा करना।'
कुछ देर बाद मालिक आया और उसने नौकर से आर्डर के बारे में पूछा
नौकरः 'जी मालिक, एक आदमी आया, उसने मुझे कहा दोनों हाथ ऊपर करके साइड़ में खड़े हो
जाओ, मैंने आर्डर मान लिया और वो सारे पैसे ले गया।' |
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पत्नी और पड़ोसन |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:33:25 |
पतिः 'तुम दरवाजे पर दो घंटे से किससे बातें कर रही थी?'
पत्नीः 'पड़ोसन से'
पतिः 'तो उसे अंदर ले आती'
पत्नीः 'उसके पास इतना समय नहीं था' |
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बेटा शादी न करना...... |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:23:09 |
पिता बेटे से बोले, 'बेटे तुम कभी भी शादी न करना, क्योंकि बाद में यह बड़ी मुसीबत
बन जाती है।'
'बिल्कुल नहीं करूंगा पिताजी, और यही शिक्षा मैं अपने बेटे को दूंगा्' वेटा बोला |
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वह दिल जिसमें..... |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:20:44 |
वह दिल जिसमें खुदा का खौफ न हो
बेकार है,
वह आंख जिसमें हया न हो
बेकार है,
चह ज़बान जिसमें मिठास न हो
बेकार है,
वह इल्म जिसमें दूसरों का फ़ायदा न हो
बेकार है। |
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ऐ खत.... |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:19:23 |
ऐ खत जा उनके हाथों को चूम ले,
वो पढ़ें तो उनके होठों को चूम ले,
खुदा न करे गर वो फाड़ भी डालें, तो
गिरते गिरते उनके कदमों को चूम ले॥ |
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चांद तारे जमीं पे.... |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:17:59 |
चांद तारे जमीं पे लाने की जिद थी,
हमें उनको अपना बनाने की जिद थी,
अच्छा हुआ वो पहले ही हो गए बेवफा,
वरना उन्हें पाने को जमाना जलाने की जिद थी॥ |
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देखते हैं आज हम |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:16:51 |
देखते हैं आज हम उस राह की वीरानियां,
यारों संग कटीं जहां कितनी तनहाइयां,
गुज़रा बो दौर, और बिछड़ गए सब दोस्त,
बस बाकी हैं अब, उस वक़्त की कहानियां॥ |
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...हां जी |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:14:00 |
घर में नई नवेली बहु आई, तो घर की एक बड़ी-बूढी ने समझाया - 'बहू, सास की बात पर कभी
ना मत कहना। वह जो भी कहे, हमेशा तुम 'हां जी' कहना।'
एक दिन सास अपने बुढ़ापे से तंग आकर बहू से बोली, '...इन तकलीफ़ों से तो मर जाना ही
अच्छा है।'
बहू तपाक से बोली, 'हां जी।' |
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पत्नी कौन है? |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:11:39 |
प्रेमीकाः ''तुम इतने घबराए हुए क्यों हो?''
प्रेमीः ''मुझे एक व्यक्ति का खत मिला है कि मैंने उसकी पत्नी से मिलना नहीं छोड़ा,
तो वह मेरा खून कर देगा।''
प्रेमिकाः ''फिर तुम उसकी पत्नी से मिलना क्यों नहीं छोड़ देते?''
प्रेमीः ''पर खंत तो गुमनाम व्यक्ति का है, मुझे कैसे पता चलेगा कि उसकी पत्नी कौन
है?'' |
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अच्छी नौकरानी |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:06:03 |
मोनिकाः 'मीना, तुम्हारी नौकरानी तो बहुत अच्छी थी, फिर तुमने उसे क्यों निकाल दिया?'
मीनाः 'क्योंकी वो मेरे पति को भी अच्छी लगने लगी थी' |
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इंसानी गुण |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:02:56 |
हरीश शादी के लिए लड़की देखने गया।
लड़की के घरवाले लड़की की तारीफ़ में कहने लगे, 'इसकी आवाज कोयल जैसी है, गर्दन तो
मोरनी के जैसी है, चाल हिरणी जैसी और स्वभाव में तो गाय है।'
हरीश ने परेशान होकर पूछा, 'इसमें कोई इंसानी गुण भी है?' |
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मेरी नाक पोंछ दो |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 18:00:56 |
स्कूल से एक बच्ची बाहर आई। बाहर खड़े एक पुलिस वाले से पूछने लगी, 'अंकल, आप पुलिस
वाले हैं?'
'हां बेटी, पर तुम क्यों पूछ रही हो?'
'मेरी मम्मी ने कहा था कि कोई परेशानी हो तो पुलिस वाले अंकल से मदद ले लेना।'
'हां, हां, क्यों नहीं, बोलो, क्या परेशानी है?'
'अंकल पहले तो मेरे जूते के फीते बांध तो और फिर मेरी नाक पोंछ दो...।' |
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अंग्रेज की बच्ची |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 17:57:31 |
गुए मार्निंग! वह प्रसन्न स्वर में मुझसे बोली, 'हाउ आर यू?'
'नमस्कार!' मैंने प्रत्युत्तर दिया,
'मैं तो ठीक हूम, किंतु आपका परिचय।'
'रीयली!' उसकी आंखें आश्चर्य से फैल गई, 'आप मुझे नहीं जानते?'
'पस जन्म में तो मैं आपसे मिला नहीं हूं और पूर्व जन्म याद नहीं।' मैं बोला
'बट, मैं डेली अरली मार्निंग टीवी स्क्रीन पर आती हूं।' वह पीडित स्वर में बोली, 'आप
ओनेस्टली नहीं बता रहे।'
'मैं सत्य बोल रहा हूं।' मुझे उस पर दया आई।
'आप इन स मार्निंग क्या करते हैं?' बह खोजबीन पर उतर आई।
'हरि-स्मरण।' मैंने कहा।
'क्या यह इक्सरसाइज जोगिंग जैसी होती है?'
'नहीं' मैंने उसे बताया, 'हरि-स्मरण का अर्थ है - 'भगवान् को याद करना-उसकी पूजा करना।'
'ओह' वह खिलखिलाई, 'खोदा माउंटेन, निकला माउस। ओके गैट लोस्ट इन सबको।....
पक्चवली, अवर टीम एक सर्वे कर रही है कि इंडिया की नैशनल लैंग्वेज का नाम हिंदी के
बदले 'इंडी' फिक्स कर दिया जाए। बीकास वी आर इंडियन, सो इंडियन लैंग्वेज 'इंडी' होनी
चाहिए।'वह खुशी में उछली, सो क्यूट। इंडियन-इंडी। कितना यूनीक नेम रहेगा।'
'तुम्हारी भाषा बहुत भ्रष्ट है।' मैंने उसे टोका।
'थैंक्स फार द कांप्लिमैंट।' वह इठलाई, 'भ्रष्ट और बैस्ट दोनों वर्ड कितने सेम-सेम
हैं।'
'तुम हिंदी को राष्ट्रभाषा के पद से क्यों हटवाना चाहती हो?' मैंने निराश होकर पूछा।
'बीकास, हिंदी बैकवर्ड और चीप लोग बोलते हैं।' उसने घृणापूर्वक मुझे देखा, 'हिंदी वाले
साग रोटी खाते हैं।'
'तुम क्या खाती हो?' मैंने जिज्ञासा की।
'भाई बाय फ्रैंड मेरे को केक, पेस्ट्री, चाकलेट एंड सोफ्टी खिलाता है। एंड माई बास
मेरे को कोल्ड-ड्रींक, सूप, चाइनीज-फूड एंड ड्राई-फ्रूट िलाते हैं।' उसने चाबी वाली
गुडिया के समान अपनी आंखें झपकाई, 'यू नो, जब मैं छोटी थी तो ब्रैड-बटर, पिज़ा एंड
पैटी खाती थी।'
'अपनी राष्ट्रभाषा का अपमान करते हुए तुम्हें लज्जा नहीं आती?' मैंने उसे डांटा, 'धिक्कार
है तुम पर जो अपनी मां को मां कहने मे हीन भावना का अनुभव करती हो।'
'शटअप! वट डू यू मीन?' अब की बार वह हिंदी का पूरा वाक्य समझ गई थी।
किसी बिल्ली के समान वह मुझ पर झपटी, 'आप तब से हिंदी को लेकर रो रहे हैं।' उसने शीघ्रतापूर्वक
अपने झोले से एक पुस्तक निकाली। वह मेरा उपन्यास था। उसने फटाफट लेखक-परिचय में से
कुछ पढ़ा और गुर्राई, 'आप अध्यापक हैं। बताइए आपके स्कूल में कितने टाइपराइटर हैं?'
'तीन।' मैंने बताया।
वह बोली, 'किस लैंग्वेज के हैं?'
'अंग्रेजी के।'
'और हिंदी के कितने टाइपराइटर हैं?'
'एक भी नहीं।'
'वैरी गुड!' उसका जाल फैलने लगा, 'इंगलिश के कितने न्यूज पेपर आते हैं?'
'चार'
'एंड हिंदी के?' उसकी आवाज नशीली हो गई
'एक'
'यू मीन ओनली वन।' वह आंखे फाड़कर मुस्कराई, 'नाऊ यू टैल मी कि इंग्लिश प्रोग्राम वाले
कितने कंप्यूटर हैं?'
'बीस।' मुझे लगा कि मैं पिंजरे में फस चुका हूं।
'एंड हिंदी प्रोग्राम वाले?'
'एक भी नहीं' मैं धीरे से बोला।
'एक्सीलेंट।' वह ताली बजाकर बोली, 'स्कूल का लैएर पैड किस लैंग्वेज में है?'
'अंग्रेजी में।'
'सब्जैक्टस किस लैंगवेज में पढ़ाए जाते हैं?'
'अंग्रेजी में।'
'स्कूल का सारा वर्क किस लैंग्वेज में होता है।'
'अंग्रेजी में।'
'मैनेजमैंट कौन सी लैंग्वेज बोलती है?'
'अंग्रेजी'
'फिर हिंदी क्यों और किसलिये? उसने मुझे इस प्रकार डांटा जैसे गृह कार्य न करने के
दंड-स्वरूप कोई शिक्षक छात्र को डांटता है।
सहसा वह मुस्कराई, 'माई डियर राईटर, जब गर्वमेंट ही चाहती है कि भारत हिंडिया बन जाए,
एंड इंग्लिश इसकी नैशनल लैंग्वेज बन जाए, तो क्यों आप अपोजिशन वाले बन रहे हैं।'
मैं मोन रह गया। अंग्रेज की बच्ची ने मुझे यथार्थ का चित्र जो दिखा दिया था।
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कंपनी की ज़रूरत... |
Manish Dalal
DateTime: 15-09-2008 17:10:54 |
एक कंपनी का सी ई ओ अपने सहायक को डांटकर बोला, 'मुझे रिपोर्ट मिली है, कल रात तुम
लोहों ने खूब शराब पी और सए़कों पर हाथ ठेला खींचते हुए खूब शोर मचाया।
बताओ, क्या इसी तरह कंपनी की इज्जत कायम रख रहे हो?'
सहायक ने जवाब दिया, 'यह तो आप ही बेहतर जानते हैं श्रीमान! क्योंकि ठओलओ पर आप भी
सवार थे।' |
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सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा! |
Manish Dalal
DateTime: 01-08-2008 03:23:27 |
सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा हमारा
सारे जहां से अच्छा॥
हम बुलबुलें हैं इसकी, ये गुलसितां हमारा हमारा
सारे जहां से अच्छा
पर्वत वो सबसे ऊंचा, हमसाया आसमां का,
वो संतरी हमारा, वो पाशबां हमारा हमारा
सारे जहां से अच्छा
गोदी में खेलती हैं जिसकी हजारों नदियां,
गुल्शन हैं जिनके दम से, रश्के जिन्ना हमारा हमारा
सारे जहां से अच्छा |
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एक और |
Manish Dalal
DateTime: 01-08-2008 03:13:52 |
फिर से |
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